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Tips to Rent a House: हमारे आसपास बहुत से लोग किराए के घर में रहते हुए नजर आ जाएंगे। आमतौर पर अपने शहर को छोड़कर दूसरी जगह जाकर नौकरी करने वाले लोगों को अक्सर रेंटेड हाउस लेते देखा जाता है। किराए का घर लेना इन दिनों काफी कॉमन हो गया है। हालांकि अगर किराए का मकान लेते वक्त कुछ बातों पर गौर नहीं किया जाए तो ये आगे चलकर बड़ी परेशानी का सबब बन सकता है। बाद में ये बुरा अनुभव आपके साथ ताउम्र रह सकता है। ऐसे में किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए जरूरी जानकारियां जुटाना आपके लिए लाभकारी हो सकता है। 

इन बातों का रखें ध्यान

एग्रीमेंट एंड ऑनर - जिस भी जगह पर आप घर किराए से ले रहे हैं वहां के मकान मालिक और उसके परिवार की जानकारी आपको होना जरूरी है। इसके साथ ही रेंट एग्रीमेंट और किराए से जुड़ी सभी शर्तों की ठीक-ठीक जानकारी भी आपके पास होनी चाहिए। 

रेंट एग्रीमेंट - किराए के मकान में रहने से पहले रेंट एग्रीमेंट जरूर बनवा लेना चाहिए। ये मकान मालिक और किराएदार दोनों के हित में रहने वाली चीज है। एग्रीमेंट में किराया देने की तारीख, मेंटेनेंस चार्ज, किराया इन्क्रीमेंट जैसी जानकारियां साफ-साफ लिखी होनी चाहिए। 

किराया रसीद - आप हर महीने जिस तारीख को किराया चुकाते हैं, उस तारीख की किराया रसीद मकान मालिक से जरूर लें। अगर आप ऑनलाइन पेमेंट करते हैं तो पेमेंट डिटेल को संभालकर रखें। जरूरत पड़ने पर ये दस्तावेज आपके पास हमेशा मौजूद रहना चाहिए। 

सिक्योरिटी डिपॉजिट - आप जब भी कहीं किराए का घर लेने जाते हैं तो वहां सिक्योरिटी डिपॉजिट देना पड़ता है। रेंट एग्रीमेंट में सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में पैसे देने की शर्तों को ध्यान पढ़ना चाहिए। मकान खाली करने के बाद सिक्योरिटी डिपॉजिट कितने वक्त में मिलेगा या एडजस्ट होगा। ये सभाी जानकारी पहले से पता होनी चाहिए। 

एग्रीमेंट कॉपी - मकान मालिक की साइन किए हुए दस्तावेजों या फिर एग्रीमेंट की दो कॉपियों को हमेशा अपने पास रखें। दस्तावेजों में ये भी चेक कर लें कि कहीं मकान मालिक ने अपनी तरफ से तो एग्रीमेंट में कोई नई चीज नहीं जोड़ दी है।