रायपुर। छत्तीसगढ़ में DMF घोटाले के आरोप में जेल में बंद आरोपी मनोज द्विवेदी की रिमांड खत्म होने के बाद सोमवार को ED  ने कोर्ट में पेश किया। जहां ED ने आईएएस रानू साहू, माया वारियर समेत 16 आरोपियों के खिलाफ 8 हजार 21 पन्नों का चालान पेश किया है। जिसमें 169 पन्नों में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेन है। ED ने 90 करोड़ 48 लाख 22 हजार 255 रुपए के घोटाले का चालान कोर्ट में पेश किया है। 

माया वारियर से पूछताछ के बाद हुई मनोज द्विवेदी की गिरफ्तारी 

उल्लेखनीय है कि, बीते दिनों ED ने निलंबित IAS रानू साहू के करीबी ठेकेदार मनोज कुमार द्विवेदी को गिरफ्तार किया है। ठेकेदार मनोज कुमार द्विवेदी की गिरफ्तारी इसी मामले में माया वारियर से पूछताछ के बाद हुए खुलासे के आधार पर की गई है। बताया जा रहा है कि, ठेकेदार मनोज द्वि‍वेदी ने डीएमएफ के कामों में ठेका दिलाने के लिए अवैध वसूली की है। उस पर IAS रानू साहू के लिए इसी जरिए से वसूली का आरोप है। मिली जानकारी के मुताबिक मानोज ने दूसरे ठेकेदारों से लगभग 12 करोड़ रुपये वसूले और माया वारियर के जरिये IAS रानू साहू तक पहुंचाया।

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मनोज द्विवेदी ने भी करोड़ों कमाए

यह भी पता चला है कि, ठेकेदार मनोज द्विवेदी अपना खुद का एक एनजीओ उद्गम सेवा समिति के नाम से चलाता है। DMF का काम दिलाने के लिए वसूली गई रकम में से 7-8 करोड़ रुपये मनोज द्विवेदी ने भी कमाए हैं। उल्लेखनीय है कि, ईडी इससे पहले भी कई बार मनोज द्विवेदी से पूछताछ कर चुकी है। वहीं माया वारियर को भी कुछ समय पहले ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है।