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Delhi News: दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों और रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ दिल्ली पुलिस विशेष अभियान चला रही है। पुलिस झुग्गी-बस्तियों में जाकर वहां रहने वाले लोगों की जानकरियां ले रही हैं। इसमें व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर, वोटर आईडी, आधार कार्ड नंबर के साथ ही बैंक अकाउंट नंबर और सोशल मीडिया की भी जानकारी ली जा रही है। बहुत से लोग सोशल मीडिया अकाउंट और बैंक अकाउंट की डिटेल्स देने में हिचकिचा रहे हैं। 

चुनाव से पहले से चल रहा अभियान

बता दें कि दिल्ली पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत अवैध रूप से रहने वाले रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को दबोचा जा रहा है। दिल्ली में चुनाव के पहले से ये अभियान चल रहा है लेकिन दिल्ली में रेखा गुप्ता की सरकार बनने के बाद से ही ये अभियान तेज हो गया है। दिल्ली पुलिस का कहना  है कि दिल्ली में ऐसे कई लोग हैं, जो फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर खुद को भारतीय नागरिक दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। इस अभियान के तहत उन लोगों को ही पकड़ने की कोशिश की जा रही है। 

उपनिरीक्षक रवि रवि मलिक ने दी जानकारी

उपनिरीक्षक रवि मलिक ने दिल्ली पुलिस के बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुस्लिम के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान को लेकर कहा, 'हम लोगों के दस्तावेज देख रहे हैं जैसे वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड और पैन कार्ड। इसके बाद उन दस्तावेजों को सत्यापित किया जाता है। 

क्यों मांगी जा रहीं बैंक अकाउंट की डिटेल्स 

बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले कई रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को पकड़कर डिपोर्ट किया जा चुका है। ऐसे में अब अभियान को तेज करने के साथ ही सफल बनाने के लिए बैंक और सोशल मीडिया अकाउंट की डिटेल्स मांगी जा रही हैं। इसके पीछे दिल्ली पुलिस का उद्देश्य है कि बैंक डिटेल्स के जरिए ये पता लगाया जा सकता है कि अवैध रूप से रहने वाले लोग विदेशों से पैसे तो नहीं मंगवा रहे या कोई यहां से वहां पैसे तो नहीं भेज रहा। मनी ट्रेल के जरिए अवैध ट्रांजेक्शन्स की जांच की जा रही है।

क्यों खंगाले जा रहे सोशल मीडिया अकाउंट्स

वहीं सोशल मीडिया अकाउंट की जांच करके ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कोई भी व्यक्ति किसी संदिग्ध संगठन से तो नहीं जुड़ा है या किसी संदिग्ध गतिविधि में संलिप्त तो नहीं हैं। इस अभियान के तहत संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जा सकती है। वहीं इस अभियान को लेकर दिल्लीा पुलिस का कहना है कि दिल्ली की कानून व्यवस्था और सुरक्षा चाक-चौबंद के लिए भी ये अभियान जरूरी है। इस अभियान के बाद दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान करना आसान हो जाएगा। साथ ही गैरकानूनी गतिविधियों पर भी लगाम लगाई जा सकेगी।

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