दिल्ली की रहने वाली हर्षिता ब्रेला की दहेज प्रताड़ना के बाद लंदन में गला दबाकर हत्या में न्याय के लिए पीड़ित परिवार भटक रहा है। परिवार का कहना है कि विदेश मंत्रालय और यूके अधिकारियों के साथ पर्याप्त संपर्क नहीं हो रहा है, जिसके चलते जांच में देरी हो सकती है। खास बात है कि दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले से संबंधित याचिका पर सुनवाई कर रही है। हाईकोर्ट ने सोमवार को इस याचिका पर सुनवाई को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हर्षिता ब्रेला के पिता सतबीर सिंह का कहना है कि उनकी बेटी बेहद होनहार थी। उसने शुरुआती पढ़ाई द्वारका में प्रतिभा विकास विद्यालय में की, जिसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के वेंकटेश्वर कॉलेज से हिंदी ऑनर्स की। वो शिक्षक बनना चाहती थी, इसलिए बीएड की। उनकी बेटी बेहद मासूम थी, सभी कहते थे कि उसके जैसी टीचर नहीं मिलेगी। हमें लगता था कि शादी के बाद भी वो खुशहाल होगी, लेकिन... इतना कहते ही सतबीर भावुक हो गए।
हर्षिता को हर कदम पर प्रताड़ित किया
सतबीर सिंह की बेटी सपना ने बताया कि उसकी बहन हर्षिता की शादी 21 मार्च 2024 को हुई थी। जब शादी हुई थी, तो बताया गया था कि पंकज एक अच्छी कंपनी में जॉब करता है। शादी के बाद पता चला कि वो डिलीवरी ब्वॉय है। शादी के कुछ समय बाद वो यूके चले गए। वहां पहुंचने के बाद हर्षिता पर दहेज को लेकर प्रताड़ित किया जाने लगा। एक बार तो उसे सड़क पर दौड़ाकर पीटा गया।
सपना ने बताया कि हर्षिता वापस आना चाहती थी, लेकिन उसने केस दर्ज कराया था। इस कारण वो भारत नहीं लौट सकी। 15 नवंबर 2024 को सूचना मिली की हर्षिता की हत्या हो चुकी है। उसका शव 14 नवंबर को सिल्वर वॉक्सहॉल कोर्सा की डिक्की में मिली थी। उनकी मांग है कि इस मामले की जांच तेजी से होनी चाहिए ताकि उनकी बहन को न्याय मिल सके।
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पंकज लांबा अभी तक फरार
मीडिया रिपोर्ट्स में नॉर्थम्पटनशायर पुलिस के हवाले से बताया गया कि मुख्य आरोपी पंकज लांबा 11 नवंबर को यूके से भाग कर भारत पहुंच गया। पुलिस ने पंकज लांबा के माता पिता को करीब पांच दिन पहले ही अरेस्ट किया जा चुका है, लेकिन पंकज लांबा और उसकी बहन फरार बताई जा रही है। उधर, जांच में तेजी लाने के लिए गृह मंत्रालय की ओर से नोडल अधिकारी को पहले से तय किया जा चुका है। ऐसे में दिल्ली की इस बेटी को जल्द से जल्द न्याय मिलने की उम्मीद है।