Logo

Crime Branch Arrested Neeraj Bawania Gang Member: नीरज बवानिया गैंग का नाम दिल्ली के अपराध जगत में खौफ और आतंक का पर्याय बन चुका है। हत्या, लूटपाट, जबरन वसूली और हिंसक घटनाओं के कारण यह गैंग अक्सर सुर्खियों में रहता है। यह गैंग जेल के भीतर से भी अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता है। क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल ने हाल में कई अभियानों के तहत इसके सदस्यों को गिरफ्तार किया है, लेकिन गैंग का जाल अब भी फैला हुआ है। ऐसे में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नीरज बवानिया गैंग के सदस्य राकेश उर्फ सनी को दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव से गिरफ्तार कर लिया है। सनी मार्च में अंतरिम जमानत पर जेल से फरार हो गया था और तब से पुलिस को उसकी तलाश थी।

ये भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता, नीरज बवाना-नवीन बाली गिरोह के दो बदमाश गिरफ्तार

अपराध का इतना लंबा है इतिहास

पुलिस के मुताबिक, सनी पर हत्या, हत्या के प्रयास, सशस्त्र लूटपाट और हथियारों से जुड़े मामलों सहित 45 से अधिक गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। वह व्यापारियों को धमकी देकर पैसे वसूलने और हिंसा का सहारा लेने के लिए कुख्यात था। सनी नीरज बवानिया, सुनील राठी, रोहित चौधरी और रवि गंगवाल जैसे कुख्यात गैंगस्टरों का करीबी सहयोगी रहा है। पुलिस आयुक्त ने 28 नवंबर को उसकी गिरफ्तारी के लिए 50,000 के इनाम की घोषणा की थी।  

ये भी पढ़ें: 'टप्पा' के घर पहुंची NIA: नीरज बवाना गैंग के बदमाश के घर पर छापा, पिछले 10 सालों से काट रहा तिहाड़ जेल में सजा

किलोकरी गांव में चला गिरफ्तारी का ऑपरेशन

क्राइम ब्रांच ने जेल के अंदर से चल रहे जबरन वसूली और हिंसक अपराधों को रोकने के लिए एक विशेष अभियान चलाया। तकनीकी निगरानी और गुप्त सूत्रों की मदद से सनी की लोकेशन का पता लगाया गया। रविवार को उसे सनलाइट कॉलोनी के किलोकरी गांव से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने बताया कि सनी छह गंभीर मामलों में घोषित अपराधी था। इनमें 2015 में दो प्रतिद्वंद्वी गैंग सदस्यों, पारस उर्फ गोल्डी और प्रदीप उर्फ भोला, की पुलिस जेल वैन में हत्या शामिल है। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने अपनी आपराधिक गतिविधियां जारी रखी थीं। सनी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। पुलिस उम्मीद कर रही है कि सनी से पूछताछ के दौरान गैंग से जुड़े अन्य अपराधियों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।