Ramkesh Jeevanpuriya: हरियाणा में गन कल्चर का विवाद इन दिनों लगातार बढ़ रहा है। इस बीच जींद की कंडेला खाप ने हट जा ताऊ पाछे ने जैसे सुपरहिट गाने के लेखक रामकेश जीवनपुरिया को सम्मानित करने का फैसला लिया है। ऐसा कहा जाता है कि रामकेश जीवनपुरिया का नाम साफ-सुथरे गाने को लेकर हरियाणा के कलाकारों में पहले नंबर पर आते हैं। रामकेश जीवनपुरिया ने हरियाणवी संस्कृति को सुपरहिट गाने दिए हैं।
सम्मान के जरिये समाज में देंगे संदेश
हरियाणा की संस्कृति को 2006 में हट जा ताऊ पाछे ने गाना मिला था। इस गाने को विकास कुमार ने गाया था। 2015 में आली हवा रही ना पहले आला बाणा जैसे गाने रामकेश जीवनपुरिया के नाम से जाने जाते हैं। रामकेश जींद के कंडेला गांव के रहने वाले हैं। इसलिए कंडेला खाप ने उन्हें सम्मानित करने का फैसला किया है।
कंडेला खाप की यह पहल हरियाणा में गन कल्चर के खिलाफ संदेश देने की पहल है। खाप रामकेश जीवनपुरिया को सम्मानित करने के जरिये कलाकरों को संदेश देंगे कि सभी साफ-सुथरा कंटेंट लेकर आएं। हट जा ताऊ पाछे ने सॉन्ग ने हरियाणवी इंडस्ट्री में धूम मचा दी थी। बच्चे से लेकर बुजुर्गों की जुबान पर यह गाना रट गया था।
रामकेश जीवनपुरिया ने अच्छे गाने गाए- धर्मपाल कंडेला
कंडेला खाप के प्रधान धर्मपाल कंडेला का कहना है कि रामकेश जीवनपुरिया ने कभी कोई भी गाना ऐसा नहीं गाया, जिससे समाज पर बुरा असर पड़े। इसलिए अच्छे गानों को बढ़ावा देने के लिए कंडेला खाप हौसला बढ़ा रही हैं। धर्मपाल कंडेला ने कहा कि अच्छे गानों को बढ़ावा देने के लिए कलाकारों का हौसला बढ़ाना जरूरी है। ऐसे में खाप 29 मार्च शनिवार को रामकेश जीवनपुरिया को सम्मानित करेगी।
धर्मपाल ने सरकार की प्रशंसा की
धर्मपाल का कहना है कि इन दिनों प्रदेश में गन कल्चर और गंद कल्चर बढ़ता जा रहा है। जिसकी वजह से आज की युवा पीढ़ी से भटक रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा से जुड़ी संस्कृति के गानों की कमी हो गई है। ट्रेंड और रुपयों की वजह से हरियाणवी संस्कृति के साथ आज खिलवाड़ हो रहा है, इसे रोकना जरुरी है। धर्मपाल ने कहा कि सरकार इस तरह के गानों पर बैन लगाकर अच्छा काम कर रही है।