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मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। एमपी बोर्ड की परीक्षाओं को देखते हुए सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को आदेश जारी कर अलर्ट किया है। सरकार ने कहा है कि फर्जी पेपर और पेपर लीक की अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें।

भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं। बच्चों को झांसे में लेकर जालसाज फर्जी पेपर बेच रहे हैं। शनिवार को फर्जी पेपर बेचते पकड़े गए दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सरकार ने सख्ती दिखाई है। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि फर्जी पेपर और पेपर लीक की भ्रामक अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी जिलों के कलेक्टर को फर्जी पेपर बेचने वालों पर कार्रवाई के लिए अलर्ट किया है।

अभियान चलाकर बच्चों को करेंगे जागरूक 
स्कूल शिक्षा मंत्री उदयप्रताप सिंह और लोकशिक्षण आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव ने सभी जिलों के कलेक्टरों को इसे लेकर अभियान चलाने के लिए निर्देश दिए हैं। जागरूकता अभियान चलाकर फर्जी पेपर बांटने, पेपर लीक की अफवाह फैलाने वाले गिरोह के झांसे में बच्चे न फंसे इसके लिए काम किया जाएगा। 

बच्चों से की अपील, सोशल मीडिया पर आने पर वाले पेपर पर न करें विश्वास
जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के सभी जिलों में पेपर लीक के इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग स्वयंसेवी संगठनों के साथ मिलकर अभियान चलाकर बच्चों को जागरूक करेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने अभिभावकों और विद्यार्थियों से अपील की है कि उनके पास इस तरह का कोई भी फर्जी प्रस्ताव सोशल मीडिया और अन्य साधनों के माध्यम से आता है तो उस पर विश्वास न करें। तुरंत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और कलेक्ट्रेट में इसकी जानकारी दें। सोशल ग्रुप के खिलाफ पुलिस के माध्यम से तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी और प्राइवेट सभी स्कूलों से सजग रहने को कहा 
शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल से इस मामले में सजग रहने के लिए कहा है। स्कूल प्रबंधकों से कहा है कि इस बारे में विद्यार्थियों को जागरूक किया जाए। पेपर लीक के मामलें में पाएं गए दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।  

बाजार में पेपर बेचने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
बता दें कि शनिवार को क्राइम ब्रांच पुलिस ने 10वीं-12वीं एमपी बोर्ड परीक्षाओं के पेपर बाजार में बेचने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपी माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल के लोगो (मोनो) और नाम का उपयोग कर टेलीग्राम पर ग्रुप बनाकर बच्चों को 10वीं-12वीं का पेपर देने का झांसा देकर दोनों आरोपी पेटीएम, फोन-पे के जरिए पैसे ऐंठते थे। पुलिस ने जांच पड़ताल की और उज्जैन के नीलगंगा निवासी धीरज खत्री पिता राजेश खत्री (18) और भोपाल निवासी एक नाबालिग को गिरफ्तार किया था।

पुलिस का कहना था कि पकड़े गए आरोपियों के तार प्रदेश ही नहीं अन्य राज्यों में भी फैले हैं। पूरा गिरोह इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा है। जल्द ही पुलिस गिरोह के अन्य सदस्य तक पहुंचेगी। 

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